रफ़ीक़ अल-मुस्लिम
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रुक़्या

क़ुरआन और सुन्नत से रुक़्या की आयतें और दुआएँ।

12 लेख

हाल के लेख

रुक़्या

1 मिनट का पाठ

सूरह अल-फ़ातिहा

अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम करने वाला है। सारी तारीफ़ अल्लाह के लिए है जो सारे जहानों का रब है, बड़ा मेहरबान, निहायत रहम करने वाला, बदले के दिन का…

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1 मिनट का पाठ

आयतुल कुर्सी

अल्लाह — उसके सिवा कोई माबूद नहीं, वह हमेशा ज़िंदा है, सबको क़ायम रखने वाला। न उसे ऊँघ आती है न नींद। जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है सब उसी का है।

रुक़्या

1 मिनट का पाठ

सूरह अल-बक़रह की आख़िरी दो आयतें

रसूल उस पर ईमान लाया जो उसके रब की ओर से उस पर उतारा गया, और ईमान वाले भी। हर एक अल्लाह पर, उसके फ़रिश्तों पर, उसकी किताबों पर और उसके रसूलों पर ईमान लाया: हम उसके…

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1 मिनट का पाठ

सूरह अल-इख़लास

कहो: वह अल्लाह एक है। अल्लाह बेनियाज़ है। न उसने किसी को जना और न वह जना गया, और कोई उसके बराबर नहीं।

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सूरह अल-फ़लक़

कहो: मैं सुबह के रब की पनाह माँगता हूँ, उसकी पैदा की हुई चीज़ों की बुराई से, और अँधेरे की बुराई से जब वह छा जाए, और गिरहों में फूँकने वालियों की बुराई से, और हसद करने…

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1 मिनट का पाठ

सूरह अन-नास

कहो: मैं इंसानों के रब की पनाह माँगता हूँ, इंसानों के बादशाह की, इंसानों के माबूद की, उस वसवसा डालने वाले की बुराई से जो पीछे हट जाता है, जो इंसानों के सीनों में वसवसा…

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सूरह अल-बक़रह की शुरुआती आयतें

अलिफ़, लाम, मीम। यह वह किताब है जिसमें कोई शक नहीं, परहेज़गारों के लिए हिदायत है — जो ग़ैब पर ईमान लाते हैं, नमाज़ क़ायम करते हैं, और जो कुछ हमने उन्हें दिया है उसमें से…

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1 मिनट का पाठ

मख़लूक़ात की बुराई से पनाह

मैं अल्लाह के मुकम्मल कलिमात के ज़रिए उसकी पैदा की हुई चीज़ों की बुराई से पनाह माँगता हूँ।

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जिब्रील (अलैहिस्सलाम) का रुक़्या

अल्लाह के नाम से मैं तुम पर रुक़्या करता हूँ, हर उस चीज़ से जो तुम्हें तकलीफ़ दे, हर नफ़्स या हसद करने वाली नज़र की बुराई से। अल्लाह तुम्हें शिफ़ा दे।

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बीमार की शिफ़ा की दुआ

ऐ अल्लाह, इंसानों के रब! तकलीफ़ दूर कर दे और शिफ़ा अता कर — तू ही शिफ़ा देने वाला है। तेरी शिफ़ा के सिवा कोई शिफ़ा नहीं, ऐसी शिफ़ा जो कोई बीमारी बाक़ी न छोड़े।

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हर शैतान और ज़हरीले जानवर से हिफ़ाज़त

मैं अल्लाह के मुकम्मल कलिमात के ज़रिए हर शैतान और हर ज़हरीले जानवर से, और हर नुक़सान पहुँचाने वाली नज़र से पनाह माँगता हूँ।

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1 मिनट का पाठ

नुक़सान से हिफ़ाज़त

अल्लाह के नाम से, जिसके नाम के साथ ज़मीन या आसमान में कोई चीज़ नुक़सान नहीं पहुँचा सकती, और वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।

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