रुक़्याأَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّةِ، مِنْ كُلِّ شَيْطَانٍ وَهَامَّةٍ، وَمِنْ كُلِّ عَيْنٍ لَامَّةٍअर्थमैं अल्लाह के मुकम्मल कलिमात के ज़रिए हर शैतान और हर ज़हरीले जानवर से, और हर नुक़सान पहुँचाने वाली नज़र से पनाह माँगता हूँ।
स्रोत:सहीह बुख़ारी

