रुक़्याاللَّهُمَّ رَبَّ النَّاسِ، أَذْهِبِ الْبَأْسَ، اشْفِ أَنْتَ الشَّافِي، لَا شِفَاءَ إِلَّا شِفَاؤُكَ، شِفَاءً لَا يُغَادِرُ سَقَمًاअर्थऐ अल्लाह, इंसानों के रब! तकलीफ़ दूर कर दे और शिफ़ा अता कर — तू ही शिफ़ा देने वाला है। तेरी शिफ़ा के सिवा कोई शिफ़ा नहीं, ऐसी शिफ़ा जो कोई बीमारी बाक़ी न छोड़े।
स्रोत:मुत्तफ़क़ अलैह (बुख़ारी और मुस्लिम)

