रुक़्याأَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّاتِ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَअर्थमैं अल्लाह के मुकम्मल कलिमात के ज़रिए उसकी पैदा की हुई चीज़ों की बुराई से पनाह माँगता हूँ।
स्रोत:सहीह मुस्लिम
रुक़्याأَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّاتِ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَअर्थमैं अल्लाह के मुकम्मल कलिमात के ज़रिए उसकी पैदा की हुई चीज़ों की बुराई से पनाह माँगता हूँ।
स्रोत:सहीह मुस्लिम

1 मिनट का पाठ
अल्लाह के नाम से मैं तुम पर रुक़्या करता हूँ, हर उस चीज़ से जो तुम्हें तकलीफ़ दे, हर नफ़्स या हसद करने वाली नज़र की बुराई से। अल्लाह तुम्हें शिफ़ा दे।

1 मिनट का पाठ
ऐ अल्लाह, इंसानों के रब! तकलीफ़ दूर कर दे और शिफ़ा अता कर — तू ही शिफ़ा देने वाला है। तेरी शिफ़ा के सिवा कोई शिफ़ा नहीं, ऐसी शिफ़ा जो कोई बीमारी बाक़ी न छोड़े।

1 मिनट का पाठ
मैं अल्लाह के मुकम्मल कलिमात के ज़रिए हर शैतान और हर ज़हरीले जानवर से, और हर नुक़सान पहुँचाने वाली नज़र से पनाह माँगता हूँ।