रफ़ीक़ अल-मुस्लिम
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मख़लूक़ात की बुराई से पनाह

रुक़्या
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أَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّاتِ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ

अर्थमैं अल्लाह के मुकम्मल कलिमात के ज़रिए उसकी पैदा की हुई चीज़ों की बुराई से पनाह माँगता हूँ।

स्रोत:सहीह मुस्लिम

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