दुआओं का बाग़اللَّهُمَّ اكْفِنِي بِحَلَالِكَ عَنْ حَرَامِكَ، وَأَغْنِنِي بِفَضْلِكَ عَمَّنْ سِوَاكَअर्थऐ अल्लाह! अपने हलाल के ज़रिए मुझे अपने हराम से बचा कर काफ़ी कर दे, और अपने फ़ज़्ल से मुझे ऐसा बेनियाज़ कर दे कि मुझे तेरे सिवा किसी की ज़रूरत न रहे।
स्रोत:तिर्मिज़ी (हसन)
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ عِلْمًا نَافِعًا، وَرِزْقًا طَيِّبًا، وَعَمَلًا مُتَقَبَّلًاअर्थऐ अल्लाह! मैं तुझसे नफ़ा देने वाला इल्म, पाकीज़ा रिज़्क़ और क़बूल होने वाले अमल माँगता हूँ।
स्रोत:इब्न माजह (सहीह)
رَبَّنَا أَنْزِلْ عَلَيْنَا مَائِدَةً مِنَ السَّمَاءِ تَكُونُ لَنَا عِيدًا لِأَوَّلِنَا وَآخِرِنَا وَآيَةً مِنْكَ، وَارْزُقْنَا وَأَنْتَ خَيْرُ الرَّازِقِينَअर्थऐ हमारे रब! हम पर आसमान से खाने से भरा एक दस्तरख़्वान उतार, जो हमारे पहलों और पिछलों के लिए ईद हो और तेरी ओर से एक निशानी हो। और हमें रिज़्क़ दे, तू ही सबसे बेहतर रिज़्क़ देने वाला है।
स्रोत:अल-माइदह 5:114

