दुआओं का बाग़رَبِّ ارْحَمْهُمَا كَمَا رَبَّيَانِي صَغِيرًاअर्थऐ मेरे रब! उन दोनों पर रहम कर जैसे उन्होंने बचपन में मुझे पाला।
स्रोत:अल-इसरा 17:24
رَبَّنَا اغْفِرْ لِي وَلِوَالِدَيَّ وَلِلْمُؤْمِنِينَ يَوْمَ يَقُومُ الْحِسَابُअर्थऐ हमारे रब! मुझे, मेरे माँ-बाप को और ईमान वालों को उस दिन बख़्श दे जिस दिन हिसाब क़ायम होगा।
स्रोत:इब्राहीम 14:41
رَبِّ اغْفِرْ لِي وَلِوَالِدَيَّ وَلِمَنْ دَخَلَ بَيْتِيَ مُؤْمِنًا وَلِلْمُؤْمِنِينَ وَالْمُؤْمِنَاتِअर्थऐ मेरे रब! मुझे, मेरे माँ-बाप को, जो ईमान वाला होकर मेरे घर में दाख़िल हो उसे, और तमाम ईमान वाले मर्दों और औरतों को बख़्श दे।
स्रोत:नूह 71:28

