रफ़ीक़ अल-मुस्लिम
रफ़ीक़ अल-मुस्लिम अभी डाउनलोड करें!

माँ-बाप के लिए दुआएँ

दुआओं का बाग़
1 मिनट का पाठ
1
رَبِّ ارْحَمْهُمَا كَمَا رَبَّيَانِي صَغِيرًا

अर्थऐ मेरे रब! उन दोनों पर रहम कर जैसे उन्होंने बचपन में मुझे पाला।

स्रोत:अल-इसरा 17:24

2
رَبَّنَا اغْفِرْ لِي وَلِوَالِدَيَّ وَلِلْمُؤْمِنِينَ يَوْمَ يَقُومُ الْحِسَابُ

अर्थऐ हमारे रब! मुझे, मेरे माँ-बाप को और ईमान वालों को उस दिन बख़्श दे जिस दिन हिसाब क़ायम होगा।

स्रोत:इब्राहीम 14:41

3
رَبِّ اغْفِرْ لِي وَلِوَالِدَيَّ وَلِمَنْ دَخَلَ بَيْتِيَ مُؤْمِنًا وَلِلْمُؤْمِنِينَ وَالْمُؤْمِنَاتِ

अर्थऐ मेरे रब! मुझे, मेरे माँ-बाप को, जो ईमान वाला होकर मेरे घर में दाख़िल हो उसे, और तमाम ईमान वाले मर्दों और औरतों को बख़्श दे।

स्रोत:नूह 71:28

दुआओं का बाग़

1 मिनट का पाठ

इस्तिग़फ़ार

ऐ अल्लाह! तू मेरा रब है; तेरे सिवा कोई माबूद नहीं। तूने मुझे पैदा किया और मैं तेरा बंदा हूँ, और मैं अपनी ताक़त भर तेरे अहद और वादे पर क़ायम हूँ।

दुआओं का बाग़

1 मिनट का पाठ

मसनून दुआएँ

ऐ अल्लाह! मैं तुझसे हिदायत, तक़वा, पाकदामनी और बेनियाज़ी माँगता हूँ।

दुआओं का बाग़

2 मिनट का पाठ

सुबह और शाम की दुआएँ

हमने सुबह की और बादशाही अल्लाह ही की है। सारी तारीफ़ अल्लाह के लिए है। अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं, वह अकेला है, उसका कोई शरीक नहीं; उसी की बादशाही है और उसी के लिए…