रफ़ीक़ अल-मुस्लिम
रफ़ीक़ अल-मुस्लिम अभी डाउनलोड करें!

ख़न्दक़ की लड़ाई (अल-ख़न्दक़)

सीरत-ए-नबवी
मदनी दौर — 5 हिजरी1 मिनट का पाठ

पाँचवें साल क़ुरैश, ग़तफ़ान और यहूदियों ने मुसलमानों को मिटाने के लिए एक गठबंधन बनाया, तो सलमान फ़ारसी ने मदीना के चारों ओर ख़न्दक़ (खाई) खोदने का सुझाव दिया। गठबंधन की सेनाओं ने कड़ाके की ठंड में कई दिनों तक मदीना को घेरे रखा, यहाँ तक कि ईमान वाले हिल गए और दिल गले तक आ गए। फिर अल्लाह ने एक आँधी और अनदेखे लश्कर भेजे, और गठबंधन की सेनाओं को बिना किसी बड़ी लड़ाई के नाकाम लौटा दिया।

संबंधित लेख

सीरत-ए-नबवी

1 मिनट का पाठ

हुदैबिया की संधि

नबी ﷺ अपने सहाबा के साथ उमरा करने के इरादे से निकले, लेकिन क़ुरैश ने उन्हें हुदैबिया में रोक दिया, तो दस साल के युद्धविराम के साथ एक संधि हुई।

सीरत-ए-नबवी

1 मिनट का पाठ

मक्का की फ़तह

जब क़ुरैश ने अपनी संधि तोड़ी, तो नबी ﷺ दस हज़ार मुसलमानों के साथ निकले और आठवें साल रमज़ान में बिना किसी उल्लेखनीय लड़ाई के मक्का फ़तह कर लिया।

सीरत-ए-नबवी

1 मिनट का पाठ

हज्जतुल-विदा और वफ़ात

नबी ﷺ ने दसवें साल हज्जतुल-विदा (विदाई हज) किया और अरफ़ात में लोगों को एक व्यापक ख़ुत्बा दिया, जिसमें आपने ख़ून, माल और लोगों के हक़ों की हुरमत (पवित्रता) को पक्का किया।