रफ़ीक़ अल-मुस्लिम
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हज्जतुल-विदा और वफ़ात

सीरत-ए-नबवी
मदनी दौर — 10–11 हिजरी1 मिनट का पाठ

नबी ﷺ ने दसवें साल हज्जतुल-विदा (विदाई हज) किया और अरफ़ात में लोगों को एक व्यापक ख़ुत्बा दिया, जिसमें आपने ख़ून, माल और लोगों के हक़ों की हुरमत (पवित्रता) को पक्का किया। फिर आप पर यह उतरा: 'اليوم أكملت لكم دينكم'। फिर आप बीमार हुए और ग्यारहवें साल रबीउल-अव्वल में मदीना में अपने रब के पास लौट गए, संदेश पहुँचाने और अमानत अदा करने के बाद, और आपको आइशा के हुजरे में दफ़नाया गया।

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जन्म और परवरिश

मुहम्मद ﷺ हाथी वाले साल (आमुल-फ़ील) में मक्का में क़ुरैश क़बीले के बनू हाशिम ख़ानदान में पैदा हुए।

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नुबुव्वत से पहले

आप ﷺ ने ख़दीजा बिन्त ख़ुवैलिद से निकाह किया, जब वे अपनी तिजारत में आपकी अमानतदारी से प्रभावित हुईं, और वही सबसे पहले आप पर ईमान लाईं।

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वह्य की शुरुआत और नुबुव्वत

जब नबी ﷺ चालीस साल के थे, तब जिब्रील हिरा की गुफा में आप पर उतरे और आपको क़ुरआन के सबसे पहले उतरे हुए शब्द पढ़कर सुनाए: 'اقرأ باسم ربك الذي خلق'।