नमाज़ कैसे पढ़ें1नीयत और बिस्मिल्लाह पढ़ना
वह दिल में नापाकी दूर करने की नीयत करता है (नीयत ज़बान से नहीं बोली जाती), और शुरू करते समय अल्लाह का नाम लेता है (बिस्मिल्लाह)।
بِسْمِ اللَّهِ2हाथ धोना
वह अपने हाथ तीन बार धोता है।
3कुल्ली करना और नाक में पानी डालना
वह कुल्ली करता है और नाक में पानी चढ़ाकर फिर उसे झाड़ता है, यह तीन बार करता है, कुल्ली और नाक में पानी डालना एक साथ करते हुए।
4चेहरा धोना
वह अपना चेहरा तीन बार धोता है, लंबाई में बालों के उगने की जगह से ठोड़ी के नीचे तक, और चौड़ाई में एक कान से दूसरे कान तक।
5हाथों को कोहनियों तक धोना
वह अपने हाथ कोहनियों तक तीन बार धोता है, पहले दायाँ फिर बायाँ।
6सिर और कानों का मसह
वह पूरे सिर का एक बार मसह करता है, सिर के आगे से शुरू करके गर्दन के पीछे तक, फिर हाथों को वापस लाता है, फिर कानों का मसह करता है।
7पैरों को टख़नों तक धोना
वह अपने पैर टख़नों तक तीन बार धोता है, पहले दायाँ फिर बायाँ, और पैरों की उंगलियों के बीच ख़िलाल करता है।
8वुज़ू के बाद की दुआ
जब वह वुज़ू पूरा कर लेता है, तो (हदीस में) वर्णित ज़िक्र पढ़ता है।
أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ. اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي مِنَ التَّوَّابِينَ وَاجْعَلْنِي مِنَ الْمُتَطَهِّرِينَ


