स्तंभ और फ़िक़्हछठा स्तंभ, जो इस बात की तस्दीक़ करना है कि अल्लाह ने हर चीज़ को जाना और उसे लिख दिया, जो कुछ होता है उसका इरादा किया, और अपनी क़ुदरत से हर चीज़ को पैदा किया। अतः अल्लाह जो चाहता है वह होता है, और जो नहीं चाहता वह नहीं होता; इसके बावजूद बंदे के पास इरादा और इख़्तियार है जिसका उससे हिसाब लिया जाएगा, इसलिए गुनाह करने पर तक़दीर का बहाना बनाना उसके लिए कोई दलील नहीं है।
स्रोत:حديث جبريل، رواه مسلم؛ والقمر: 49

