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اللهم لا طير إلا طيرك، ولا خير إلا خيرك، ولا إله غيرك.
ऐ अल्लाह, कोई शगुन नहीं मगर तेरा शगुन, कोई भलाई नहीं मगर तेरी भलाई, और तेरे सिवा कोई [इबादत के लायक़] माबूद नहीं।
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اللهم لا طير إلا طيرك، ولا خير إلا خيرك، ولا إله غيرك.
ऐ अल्लाह, कोई शगुन नहीं मगर तेरा शगुन, कोई भलाई नहीं मगर तेरी भलाई, और तेरे सिवा कोई [इबादत के लायक़] माबूद नहीं।
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