रफ़ीक़ अल-मुस्लिम
रफ़ीक़ अल-मुस्लिम अभी डाउनलोड करें!

बीमार की अयादत की फ़ज़ीलत

1 में से 0 पढ़े
  1. 1 / 1

    قال النبي صلى الله عليه وسلم: ((إذا عاد الرجل أخاه المسلم مشى في خرافة الجنة حتى يجلس، فإذا جلس غمرته الرحمة، فإن كان غدوة صلى عليه سبعون ألف ملك حتى يمسي، وإن كان مساء صلى عليه سبعون ألف ملك حتى يصبح)).

    नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया: जब कोई आदमी अपने बीमार मुसलमान भाई की अयादत करता है, तो वह बैठने तक जन्नत के फलों (ख़ुरफ़ा) के बीच चलता रहता है, और जब बैठ जाता है तो रहमत में डूब जाता है; अगर सुबह का वक़्त हो तो सत्तर हज़ार फ़रिश्ते शाम तक उसके लिए रहमत की दुआ करते हैं, और अगर शाम का वक़्त हो तो सत्तर हज़ार फ़रिश्ते सुबह तक उसके लिए रहमत की दुआ करते हैं।

    गिनने के लिए टैप करें