1 / 1
ما من عبد يذنب ذنبا فيحسن الطهور، ثم يقوم فيصلي ركعتين، ثم يستغفر الله إلا غفر الله له.
कोई बंदा ऐसा नहीं जो कोई गुनाह करे, फिर अच्छी तरह वुज़ू करे, फिर खड़ा होकर दो रकअत नमाज़ पढ़े, फिर अल्लाह से माफ़ी माँगे, मगर अल्लाह उसे माफ़ कर देता है।
गिनने के लिए टैप करें

