रफ़ीक़ अल-मुस्लिम
रफ़ीक़ अल-मुस्लिम अभी डाउनलोड करें!

इस्तिग़फ़ार और तौबा

6 में से 0 पढ़े
  1. 1 / 6

    قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: ((والله إني لأستغفر الله وأتوب إليه في اليوم أكثر من سبعين مرة)).

    अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया: "अल्लाह की क़सम! मैं दिन में सत्तर से ज़्यादा बार अल्लाह से माफ़ी माँगता हूँ और उसकी ओर तौबा करता हूँ।"

    गिनने के लिए टैप करें

  2. 2 / 6

    وقال صلى الله عليه وسلم: ((يا أيها الناس توبوا إلى الله فإني أتوب في اليوم إليه مائة مرة)).

    आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने यह भी फ़रमाया: "ऐ लोगो! अल्लाह की ओर तौबा करो, क्योंकि मैं दिन में सौ बार उसकी ओर तौबा करता हूँ।"

    गिनने के लिए टैप करें

  3. 3 / 6

    وقال صلى الله عليه وسلم: ((من قال أستغفر الله العظيم الذي لا إله إلا هو الحي القيوم وأتوب إليه، غفر الله له وإن كان فر من الزحف)).

    आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने यह भी फ़रमाया: "जो व्यक्ति कहे: 'अस्तग़फ़िरुल्लाहल-अज़ीम अल्लज़ी ला इलाहा इल्ला हुवल-हय्युल-क़य्यूम व अतूबु इलैह' (मैं अज़मत वाले अल्लाह से माफ़ी माँगता हूँ, जिसके सिवा कोई माबूद नहीं, जो ज़िंदा है, सबको थामने वाला है, और मैं उसकी ओर तौबा करता हूँ), अल्लाह उसे माफ़ कर देगा, चाहे वह जंग के मैदान से भागा हो।"

    गिनने के लिए टैप करें

  4. 4 / 6

    وقال صلى الله عليه وسلم: ((أقرب ما يكون الرب من العبد في جوف الليل الآخر فإن استطعت أن تكون ممن يذكر الله في تلك الساعة فكن)).

    आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने यह भी फ़रमाया: "रब अपने बंदे के सबसे ज़्यादा क़रीब रात के आख़िरी हिस्से में होता है; तो अगर तुम उस समय अल्लाह को याद करने वालों में से हो सको, तो हो जाओ।"

    गिनने के लिए टैप करें

  5. 5 / 6

    وقال صلى الله عليه وسلم: ((أقرب ما يكون العبد من ربه وهو ساجد فأكثروا الدعاء)).

    आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने यह भी फ़रमाया: "बंदा अपने रब के सबसे ज़्यादा क़रीब उस समय होता है जब वह सज्दे में होता है, तो (उस समय) ख़ूब दुआ किया करो।"

    गिनने के लिए टैप करें

  6. 6 / 6

    وقال صلى الله عليه وسلم: ((إنه ليغان على قلبي وإني لأستغفر الله في اليوم مائة مرة)).

    आप (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने यह भी फ़रमाया: "कभी-कभी मेरे दिल पर एक परदा-सा आ जाता है, और मैं दिन में सौ बार अल्लाह से माफ़ी माँगता हूँ।"

    गिनने के लिए टैप करें