1 / 1
أعوذ بكلمات الله التامات التي لا يجاوزهن بر ولا فاجر: من شر ما خلق، وبرأ وذرأ، ومن شر ما ينزل من السماء، ومن شر ما يعرج فيها، ومن شر ما ذرأ في الأرض، ومن شر ما يخرج منها، ومن شر فتن الليل والنهار، ومن شر كل طارق إلا طارقا يطرق بخير يا رحمن.
मैं अल्लाह के उन पूरे कलिमात की पनाह माँगता हूँ जिनसे न कोई नेक आगे बढ़ सकता है न कोई बदकार, उस चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की, बनाई और फैलाई, उस चीज़ की बुराई से जो आसमान से उतरती है, उस चीज़ की बुराई से जो उसमें चढ़ती है, उस चीज़ की बुराई से जो उसने ज़मीन में फैलाई, उस चीज़ की बुराई से जो उससे निकलती है, रात और दिन के फ़ितनों की बुराई से, और रात में आने वाले हर आने वाले की बुराई से, सिवाय उस आने वाले के जो भलाई लेकर आए, ऐ सबसे ज़्यादा रहम करने वाले!
गिनने के लिए टैप करें

