قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: ((لا تدخلوا الجنة حتى تؤمنوا، ولا تؤمنوا حتى تحابوا، أولا أدلكم على شيء إذا فعلتموه تحاببتم، أفشوا السلام بينكم)).
अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया: "तुम जन्नत में दाख़िल नहीं होगे जब तक ईमान न लाओ, और तुम [सच्चे] मोमिन नहीं होगे जब तक आपस में मोहब्बत न करो। क्या मैं तुम्हें ऐसी चीज़ न बताऊँ कि अगर तुम उसे करो तो आपस में मोहब्बत करने लगो? आपस में सलाम [का अभिवादन] आम करो।"
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